शब्दवेध–क्या, किस के लिए

In Cinema, Culture, Drama, Hindi, History, Journalism, Language, Literature, Memoirs, People, Poetry by Arvind KumarLeave a Comment

शब्दवेध: क्योँ, किस के लिए शब्दवेध सब के लिए एक अत्यंत रोचक सत्यकथा है. कैसे कोई अपनी मेहनत और लगन के, निष्ठा, संकल्प और प्रतिबद्धता ​के बल पर कमतरीन से …

View Post

ख़तरोँ का असली खिलाड़ी – अरे बाप रे – कैसा फ़ोटोग्राफ़र, कैसी दीवानगी

In Drama, Life style, Photography by Arvind KumarLeave a Comment

मैँ इस सामग्री का अनुवाद नहीँ कर रहा हूँ. मूल इंग्लिश में ही पढ़ेँ… This is a case of 1 photographer photographing a 2nd photographer. The following photos were taken …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 02 – नगर द्वार के बाहर

In Culture, Drama, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      महाकवि योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे कृत जरमन काव्य नाटक फ़ाउस्ट – एक त्रासदी अविकल हिंदी काव्यानुवाद भाग 1 – दृश्य 2. फ़ाउस्ट की अँधेरी अध्ययन शाला अरविंद …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 18 – प्राचीर मेँ अलिंद

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार १८. प्राचीर मेँ अलिंद नगर प्राचीर के एक कोने मेँ माँ दोलोरोसा की मूर्ति. …

View Post

फ़ाउस्ट – भाग 2 अंक 2 दृश्य 2 – प्रयोगशाला

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार       २. प्रयोगशाला मध्ययुगीन प्रयोगशालाओँ सी एक प्रयोगशाला. विलक्षण प्रयोगोँ के वास्ते …

View Post

फ़ाउस्ट – भाग 2 अंक 5 दृश्य 8 – गहरी पर्वतीय घाटियाँ, वन, शिखर, मरुथल

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार ८. गहरी पर्वतीय घाटियाँ, वन, शिखर, मरुथल. ईसाई हठयोगी – साधु संन्‍यासी पर्वत स्‍तरोँ …

जूलियस सीज़र. अंक 5. दृश्य 1. फ़िलीपी का मैदान

In Culture, Drama, History, Poetry, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

अभी देखने हैँ तेरे पैँतरे. तेरा भाषण! मधुवन से भी चुरा लेता है मिठास. फ़िलीपी का मैदान. (आक्‍टेवियस, एंटनी और उन की सेनाएँ आती हैँ.) आक्‍टेवियस मन की सभी मुरादेँ …

विक्रम सैंधव. अंक 4. दृश्य 1. धारावती. आनंद के भवन का एक कक्ष

In Adaptation, Culture, Drama, Fiction, Poetry by Arvind KumarLeave a Comment

  बड़े लोग जो बना देते हैँ चलन, रचते हैँ जो कलाएँ, और फिर छोड़ देते हैँ जो जूठन, उन्हेँ सहेज कर रखते हैँ केतुमाल जैसे लोग.   धारावती. आनंद …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 03 – अध्ययन शाला

In Culture, Drama, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद –  © अरविंद कुमार ३. अध्ययन शाला कुत्ते के साथ फ़ाउस्ट आता है. फ़ाउस्ट छूट गए पीछे वन …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 19 – रात

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार १९. रात मार्गरेट के द्वार के सामने. मार्गरेट का सिपाही भाई वैलंटाइन. वैलंटाइन सब …

View Post

फ़ाउस्ट – भाग 2 अंक 2 दृश्य 3 – सांस्कृतिक वालपुरगिस रात. 1. फारशाला के मैदान

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार       ३. सांस्कृतिक वालपुरगिस रात १. फारशाला के मैदान अंधकार. ऐरिक्थो आ …

- फ़ाउस्टस का अंत -

In Culture, Drama, Fiction, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

  कभी बहुत पहले पिछली सदी के पचासादि दशक मेँ मारलो के फ़ाउस्टस नाटक के अंतिम दृश्य का अनुवाद – क्रिस्‍टोफ़र मारलो –अनुलाद – © अरविंद कुमार     मारलो …

जूलियस सीज़र. अंक 5. दृश्य 2. फ़िलीपी. युद्धक्षेत्र.

In Culture, Drama, History, Poetry, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

बस, एक हल्‍ला और! फिर अपनी विजय है. फ़िलीपी. युद्धक्षेत्र. (तूर्यनाद. ब्रूटस और मेसाला.) ब्रूटस मेसाला, लो, आदेश लो, जल्‍दी करो. उस ओर सेना से कहो – उखड़ गए आक्‍टेवियस …

विक्रम सैंधव. अंक 4. दृश्य 1. धारावती. आनंद के भवन का एक कक्ष

In Adaptation, Culture, Drama, Fiction, Poetry by Arvind KumarLeave a Comment

  बड़े लोग जो बना देते हैँ चलन, रचते हैँ जो कलाएँ, और फिर छोड़ देते हैँ जो जूठन, उन्हेँ सहेज कर रखते हैँ केतुमाल जैसे लोग.   धारावती. आनंद …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 04 – अध्ययन शाला

In Culture, Drama, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद –  © अरविंद कुमार ४. अध्ययन शाला फ़ाउस्ट. मैफ़िस्टोफ़िलीज़. फ़ाउस्ट कौन है! आ जाओ! फिर आ मरा कोई …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 20 – गिरजाघर

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार २०. गिरजाघर पूजा चल रही है. भीड़ मेँ मार्गरेट. उस के पीछे पीछे एक …

View Post

फ़ाउस्ट – भाग 2 अंक 2 दृश्य 3 – सांस्कृतिक वालपुरगिस रात. 2. पीन्योस

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद -  © अरविंद कुमार     २. पीन्योस पीन्योस नदी अप्सराओँ और सहायक नदियोँ से घिरी है पीन्योस …

जूलियस सीज़र. अंक 1. दृश्य 1. रोम एक मार्ग

In Culture, Drama, History, Poetry, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

उल्‍लास क्योँ? आनंद क्योँ? किस की विजय? किस पर विजय? कैसी विजय? रोम. एक मार्ग. (फ़्‍लावियस और मारूलस आते हैँ. कुछ नगरजन आते हैँ.) फ़्‍लावियस जाओ! आज छुट्टी है क्‍या? …

जूलियस सीज़र. अंक 5. दृश्य 3. फ़िलीपी. रण का एक अन्य कोना.

In Culture, Drama, History, Poetry, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

सीज़र, महानायक, अभी तक तुम बली हो. तुम्‍हारी आत्‍मा अब तक धरा पर डोलती है. वह हमारे खड्ग हम मेँ घोँपती है. फ़िलीपी. रण का एक अन्‍य कोना. (तूर्यनाद. कैसियस …

विक्रम सैंधव. अंक 4. दृश्य 2. कपिंजल पर्वत पर खर्वट के निकट छावनी

In Adaptation, Culture, Drama, Fiction, Poetry by Arvind KumarLeave a Comment

  खोखले नर और गरम घोड़े करते हैँ जोश का दिखावा. परीक्षा की घड़ी मेँ दे जाते हैँ धोखा…   कपिंजल पर्वत पर खर्वट के निकट छावनी. शतमन्‍यु के शिविर …

फ़ाउस्ट – भाग 1 दृश्य 05 – लाइपत्सिग मेँ आयरबाख का शराबघर

In Culture, Drama, Fiction, History, Poetry, Spiritual, Translation by Arvind KumarLeave a Comment

      फ़ाउस्ट – एक त्रासदी योहान वोल्‍फ़गांग फ़ौन गोएथे काव्यानुवाद –  © अरविंद कुमार ५. लाइपत्सिग मेँ आयरबाख का शराबघर कुछ मदमाते मस्त नौजवान. फ्रौश पीते गाते नहीँ …